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Monday, 11 September 2017

स्कूल में मैडम की चुदाई


हेलो दोस्तों, मेरा नाम रमन है और मैं अपनी जिंदगी की सच्ची सेक्स कहानी पहली बार आपको बताने जा रहा हूं ध्यान से पढ़िएगा.

दोस्तों मेरा सेक्स में बहुत इंटरेस्ट है और मैं सेक्स स्टोरीज की बुक पढ़ता रहता हूं और मुट्ठ मारता रहता हूं.


दोस्तों मैं गोरा-चिट्टा ५ फुट ९ इंच लंबा हूं. मैं २१ साल का हूं और मैं बी.ए.कर रहा हूं. मेरी यह कहानी एक साल पहले की है, जब मैं २० साल का था और अपनी स्टडी के लिए दीदी के घर पर रहता था.

मेरी दीदी की शादी हरियाणा में हुई थी उनके घर में सिर्फ ५ लोग थे जिसमें से एक  उनकी ननंद थी जिसका नाम प्रीति है. प्रीती दिखने में बहुत मस्त थी, उसका कातिलाना शरीर लड़कों की आंखों की नींद उड़ा डालता था और वह अभी सिर्फ १८ साल की थी और १२वीं क्लास में पढ़ती थी.

मैं उसे बहुत पसंद करता था और उसके३२-२८-३४ के फिगर का दीवाना था. मैं उसे चोदना चाहता था पर डर भी बहुत लगता था, बेशक वो १८ साल की थी पर किसी मॉडल से कम नहीं थी.

एक दिन मैंने उसे आवाज लगाई पर मेरी बार बार लगाई आवाज का उसने कोई जवाब नहीं दिया और ना ही खुद आई, तब मैंने उसके रूम की और गया और देखा की उसका रूम अंदर से लोक है. तब मुझे डर भी लगा पता नहीं क्यों वह दरवाजा नहीं खोल रही है. तभी मेंने की हॉल में से एक आंख बंद करते हुए देखा तो मेरी आंख फटी की फटी रह गई. मैंने देखा कि वह बिना कपड़ो के खड़ी है और उसके शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं है. शायद वह कपड़े चेंज कर रही थी.

उसके नंगे शरीर को देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया उसके बूब तो कमाल के थे, गोरे गोरे संतरे जैसे और उसकी चूत देख कर तो तबियत खुश हो गई क्या कमाल की चूत थी बिल्कुल गुलाबी, चिकनी और बिल्कुल साफ. यह सब देखते ही मैं बाथरुम में भाग गया था और लंड को हाथ में पकड़ कर मुठ मार दी. और अब दिल में उसको चोदने की इच्छा और बढ़ गई.

एक दिन की बात है, मेरे शरीर में बहुत दर्द था और रात के समय घर वाले सब सो गए थे. पर प्रीति के रूम से लाइट की रोशनी आ रही थी. तो मैंने उसके रूम में जाकर देखा कि प्रीति स्टडी कर रही थी.

मैंने कहा – प्रीति मेरी एक बात मानोगी?

प्रीति ने कहा – हां बोल.

मैंने कहा – क्या तुम मेरा सर दबा सकती हो? बहुत दर्द कर रहा है..

प्रीतिने सोचते हुए जवाब दिया – ठीक है.

मैं बेड पर सीधा लेट गया और वह मेरे पास आकर सिर दबाने लगी..

मैंने कहा – प्रीति मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं तुम गुस्सा तो नहीं करोगी?

प्रीति ने कहा – नहीं..

मैं उसका हाथ अपने हाथ पकड़ते हुए बोला – प्रीति आई लव यू सो मच..

यह सुनते ही प्रीति चुप हो गई और फिर मैंने पूछा क्या हुआ?

प्रीति ने कहा – रमन प्यार तो मैं तुमसे भी बहुत करती हूं पर बताने से डरती हूं, कि घर वालों को पता चल गया तो हमारा क्या होगा?

मैंने कहा – प्रीति देख हम घरवालों से छुपा के रखेंगे और कुछ गलत काम नहीं करेंगे जिससे कि हमारी जान को खतरा हो.

प्रीति ने कहा – ठीक है.

अब हमारी लव स्टोरी एक सीडी ऊपर चढ़ गई थी, और हमारा प्यार ऐसे ही चलता रहा और फिर एग्जाम नजदीक आ गए. तब हमने एक साथ स्टडी करने का सोचा.

मैंने कहा दीदी क्या मैं और प्रीति देर रात तक बैठकर स्टडी कर सकते हैं? दीदी ने कहा ठीक है और स्टडी कंप्लीट होने पर दोनों अपने अपने रुम में सो गये.

मैंने कहा ठीक है.

फिर मैं और प्रीति देर रात तक स्टडी करते और घरवालों के सो जाने पर बुक बंद करके खूब गप्पे माँरते और मस्ती करते. प्रीति को यह सब बहुत अच्छा लगा, फिर मैंने उसको गुलाबी होठों पर किस करनी चाही तो उसने मुझे रोक दिया.

मैंने कहा – क्या मैं तुम्हें किस नहीं कर सकता?

प्रीति ने कहा – यह जरूरी है क्या?

मैंने कहा – हा मुझे कैसे विश्वास होगा कि तुम मुझसे प्यार करती हो कि नहीं?

प्रीति ने कहा – ठीक है.

हमारा प्यार का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और हम ऐसे ही रोज रात को स्टडी करते घरवालों के सोने पर खूब बातें मारते और अपने अपने रूम में जा कर सो जाते.

एक दिन हम दोनों रात में बैठकर स्टडी कर रहे थे तभी बीच में प्रीति की आंख लग गई और वह सो गयी. वह सोते हुए बहुत क्यूट लग रही थी और मैं उसे देखता ही रह गया. अभी मेरा मन उसके बूब्स को मसलने का हो रहा था. और उसके बूब्स वैसे भी टॉप से बाहर आ रहे थे. मैं उसके साथ बगल में लेट गया और उसके गोल गोल बूब्स अपने हाथों में लेकर मसलने लगा, बीच में वह हल्की सी उठी और फिर से सो गई. मैं फिर से उसके बूब जोर जोर से मसलने लगा. तभी उसकी आंख खुल गई और मैं डर गया और अपना हाथ पीछे कर लिया.

प्रीति गुस्से में बोली – तुम यह क्या कर रहे थे?

मैंने कहा तुम्हें प्यार कर रहा था.

प्रीति ने कहा यह सब गलत है.

मैंने कहा प्लीज़ करने दो ना मैं तुमसे प्यार करता हूं.

प्रीति ने कहा नहीं.

मैंने कहा प्रीति आई एम सॉरी.

यह कह कर वहां से उठ गया और सीधा अपने कमरे में आकर सो गया. और अब मैं उससे बात करना बंद कर दिया.

प्रीति ने भी मुझ से पूरे ३ दिन बात नहीं करी और एक दिन मेरे रुम में आई और मेरे पास खड़ी होकर पूछने लगी क्या मुझसे गुस्सा हो?

मैं कुछ नहीं बोला उसने मेरे माथे पर किस करना चाहा तो मैंने अपना मुंह घुमा लिया.

प्रीति ने कहा यह क्या बात है?

मैं कुछ नहीं बोला.

प्रीति ने कहा आई लव यू सो मच पर तुम जो वह सब कर रहे थे मुझे वह बिल्कुल पसंद नहीं है.

मैंने कहा क्या तुम मुझे बूब्स पर किस नहीं करने दे सकती?

प्रीति एक दम से चुप हो गई और फिर बोली ठीक है पर किस ही करनी है और कुछ नहीं.

मैंने कहा ठीक है.

मैं बहुत खुश हो गया और खुशी के मारे उसे किस करने लगा. तभी उसने मुझे रोक दिया और कहा यह सब रात को जब सब सो जाएंगे.

मैंने कहा ठीक है.

अब मैं रात होने का इंतजार करने लगा और जब रात हुई तो वह मेरे रूम में स्टडी करने आ गई, है कुछ ही देर में घर में घर के सब लोग सो गए. और मैं अपनी बुक बंद की और उसको चूमना शुरू कर दिया. अब में पागलों की तरह उसको चूम रहा था उसके रसीले होंठ अपने होंठ में ले कर उसका रस पी रहा था..

अब मैंने अपना एक हाथ उसके बूब पर रख लिया और जोर जोर से मसलने लगा  मेरा लंड खड़ा हो चुका था मैं ओवर कंट्रोल हो चुका था, मेरे हाथ उसके बुब्स को जोर जोर से दबा रहे थे.

प्रीति चिल्लाती हुई बोली दर्द हो रहा है रमन.

पर मैंने प्रीति की एक ना सुनी और उसके बूब्स को जोर जोर से मसलता रहा और साथ में प्रीति को चूमता रहा कुछ ही देर में प्रीति भी तैयार हो गई और मेरा साथ देने लगी.

मैंने प्रीति की टी-शर्ट उतार कर फेंक दी अब मेरे सामने गोरे गोरे बूब गुलाबी रंग की ब्रा में कैद मैं देख कर पागल सा हो गया और बूब्स पर टूट पड़ा.

मैंने देरी ना करते हुए प्रीति की ब्रा खिच दी और उसकी ब्रा का हुक को तोड़ दिया. अब तो उसके दो कबूतर हवा में आजाद होकर उड़ने लगे, मेरी आंखें फटी की फटी रह गई सच में बहुत कमाल के थे. मैं पूरा पागल सा हो गया और पागलों की तरह पर टूट पड़ा. मैंने अपने मुह में एक बूब डाला और चुसने लगा और साथ में ही दूसरे को हाथ में पकड़कर दबाने लगा. वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी उसकी गर्म गर्म आहाह निकल रही थी.

मेने अपना एक हाथ उसके बूब से उठाकर नीचे चूत के पास ले गया और चूत को सहलाने लग गया और वो पूरी मस्ती में आह्ह उऔउ ईई अह्ह्ह ओऊ ऐउइउ ऊऊ कर रही थी.

मैंने उसकी स्कर्ट का बटन खोल दिया और स्कर्ट को अलग कर दिया, मैंने देखा कि प्रीति ने ब्लैक कलर की पेंटी डाली हुई थी जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ रखा तो मुझे एहसास हुआ कि चूत गीली हो चुकी है जिसकी वजह से उसकी पैंटी भी पूरी तरह से भीग चुकी थी. मैंने एक झटके में उतार कर फेंक दी.

प्रीति की चूत देख कर मेरी आंखों में चमक आ गई क्या चूत थी? एकदम चिकनी और पूरी गुलाबी चूत देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया है. मैं अपना मुंह प्रीति की चूत के पास ले गया और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

प्रीति ने कहा – यह क्या कर रहे हो?

मैं – मस्ती कर रहा हूं मेरी जान अब तुझे भी मजा आएगा.

मैं करीब १० मिनट प्रीति की चूत को चाटता रहा, क्या मस्त चूत थी. चूत  चाट कर मुझे मजा आ गया था

मैं अब खड़ा हुआ अपने सारे कपड़े उतार दीये और प्रीति ने मेरा लंड देखा और बोली इतना बड़ा??

मैंने कहा नहीं इतना बड़ा तुम्हें ऐसे ही डर रही हो लो ईसे हाथ में पकडो.

प्रीती ने मेरा लंड अपने हाथ में नही पकड़ा तो मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में घुसा उसकी चूत बहुत टाइट थी मेरी उंगली भी बड़ी मुश्किल से अंदर जा रही थी..

प्रीति ने कहा नीकाल उसे प्लीज, मुझे दर्द हो रहा है रमन.

मैंने कहा चुप कर मेरी जान, कुछ नहीं होता.

अब मेने अपना लंड दीदी की चूत पर सेट किया और जोर का धक्का लगाया, पर लंड  अंदर नहीं जा रहा था. मैं उठा और तेल लेकर आया तेल अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत पर भी लगाया.

अब मेने अपना लंड फिर से चूत पर सेट किया और धक्का लगाया लंड थोड़ा अंदर चला चला गया..

वह चिल्ला उठी और रोने लगी रमन बहुत दर्द हो रहा है प्लीज, इसे निकालो मुझे छोड़ दो प्लीज.

मैंने कहा मेरी जान कुछ नहीं होता, बस एक मिनट में ही तुम्हें मजा आना शुरु हो जाएगा.

फिर मैं प्रीति को किस करने लग गया. वह अपना थोड़ा दर्द भूल चुकी थी, मैंने मौका देखते हुए जोरदार झटका मारा और आधा लंड दीदी की चूत में उतार दिया, उसकी चूत से खून निकलना शुरु हो चुका था.

प्रीति फिर से चिल्ला उठी, रमन प्लीज मुझे छोड़ दो.. मैं मर जाऊंगी.. आज..

कुछ देर में वो शांत हॉट गयी. मेने भी धीरे धीरे झटके मारना शुरू कर दिए, अपने हाथों से लगातार प्रीति के बूब्स को दबाता रहा.

अब उसकी दर्द की चीखें मस्ती की चीखो में बदल चुकी थी और अब प्रीति भी मस्ती में चूदाई करवा रही थी, अब वह अपनी गांड को हिला हिला कर चुदाई का आनंद ले रही थी.

करीब १० मिनट की चुदाई के बाद प्रीति ने मुझे अपनी बाहों में कस पर पकड़ लिया और बोली पर रमन और जोर से करो मुझे मजा आ रहा है प्लीज जोर से करो.

मैंने अपनी स्पीड तेज कर दि और ५ मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.

मैंने कहा प्रीति मेरा होने वाला है.

प्रीति ने कहा बस मैं भी होने वाली हूं रमन..

कुछ देर में प्रीति शांत हो चुकी थी, अब मेरा भी निकलने वाला था. मैंने अपना लंड  चूत से बाहर निकाला और सारा पानी प्रीति के पेट पर निकाल दीया. पानी को देखकर प्रीती बहुत खुश दिख रही थी.

मैंने पूछा – केसा लगा फिर?

प्रीति ने कहा बहुत मजा आया.

पर वह जैसे ही बेड से उठ कर खड़ी हुई तो काफी सारा खून देख कर डर गई और बोली ओह माय गॉड यह क्या हो गया?

प्रीति ठीक से खड़ी तक नहीं हो पा रही थी.

मैंने कहा चलो फिर भी मैं तुम्हें तुम्हारे रूम तक छोड़ आता हूं, और कल सुबह आराम से उठना. अगर दर्द ठीक नहीं और अगर कल तुमसे कोई पूछे तो कह देना कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है, और मैं कल तुम्हें पेन कीलर ला कर दे दूंगा, जिस से तुम ठीक हो जाओगी.

फिर मैं प्रीति को उसके कमरे में ले गया और उसे उसके बेड पर लेटा कर उसको एक गुड नाइट किस कर के अपने कमरे में सोने के लिए आ गया.
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