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Monday, 4 September 2017

कजिन की सिलपेक चूत को खोला




दोस्तों मन साहिल आप सब का चहिता, एक सेक्सी कहानी आप के लिए ले के आया हूँ. मुझे पक्का भरोसा हैं की आप को ये कहानी जरुर पसंद आएगी.

मैं बरेली यूपी में रहता हूँ और मेरी उम्र 26 सा हैं. मेरे लंड का साइज़ 6 इंच लम्बा और 3 इंक मोटा हैं. ये स्टोरी जो मैं बताने जा रहा हूँ वो मेरी और मेरी एक कजिन बहन की हैं. उसका नाम प्रिया हैं और उसकी उम्र करीब 18 साल की हैं. उसका फिगर 30 28 32 का हैं और वो रंग में एकदम गोरी हैं.


प्रिया वैसे तो बरेली में ही रहती हैं अपने मम्मी पापा और छोटी बहन के साथ लेकिन बिजनेश न चलने की वजह से उसकी पूरी फेमली जयपुर सेटल हो गई. ये जब जयपुर गई तो उसने मुझे फेसबुक पर एड किया और मेरे से डेली बातें होने लगी उसकी. कई बार तो हम दोनों ही लेट नाईट तक चेटिंग में लगे रहते थे.

प्रिया मेरे को डेली मेसेज करने लगी और देखते ही देखते उसको मेरे से बात करना अच्छा लगने लगा. एक दिन उसने मुझे हार्ट वाली स्माइली भेजी तो मैंने पूछा की ये क्या हैं तो उसने जवाब दिया की सोरी गलती से भेज दिया. अब उस से ये गलती लगभग रोज एकाद बार हो जाती थी. मैंने भी उसको कुछ नहीं कहा. एक दिन बातों बातों में उसने मुझे बताया की उसके एग्जाम हैं बरेली में. और उसने कहा की वो अपनी छोटी बहन के साथ एग्जाम देने के लिए आ रही हैं. मैंने जब ये बात अपने घर पे बताइ तो मेरी मम्मी ने प्रिया के घर पर कॉल कर के लड़कियों को हमारे  घर पे भेजने को कहा. मम्मी ने कहा की उनको कहना कही और नहीं लेकिन हमारे घर पर ही रुके.

दो दिन के बाद प्रिया अपनी छोटी बहन के साथ हमारे घर पर आ गई. क्यूंकि यहाँ गर्मी काफी पड़ती हैं तो मेरी मम्मी ने दोनों को मेरे रूम में ही सोने को बोल दिया. क्यूंकि मेरे कमरे में एसी लगा हुआ हैं.

जब वो रूम में आई तो मैंने इन दोनों के लिए बेड खाली कर दिया और खुद फ्लोर पर मेट्रेस डाल कर सोने की तयारी करने लगा. क्यूंकि रात काफी हो गई थी और वो दोनों भी ट्रावेल कर के थक गई थी तो हम सब अपनी जगह पर जाकर सो गए.

रात में करीब 3 बजे मैं उठा तो मैंने देखा की प्रिया की नाइटी ऊपर को उठी हुई हैं. और उसके लेग्स दिख रहे थे. मैं उठा और बाथरूम से आकर जब मैं अपनी जगह पर लेटा तो देखा की उसकी नाइटी काफी ऊपर हुई हे और उसकी पेंटी भी साफ़ साफ नजर आ रही थी.

पहले तो मेरा मन किया की आज की रात इसके साथ थोड़ी मस्ती कर ही लूँ. लेकिन फिर मुझे लगा की कही कोई दिक्कत ना हो जाए तो मैं अपनी जगह पर ही सो गया.

सुबह जब मैं उठा तो ये दोनों सो रही थी. मैं फटाफट बाथरूम में गया और नहा के रेडी हो गया. जब मैं ब्रेकफास्ट कर रहा था तो ये दोनों उठी और बहार आ गई. थोड़ी देर बाद प्रिया की छोटी बहन तो नहाने चली गई पर वो वही टेबल पर बैठी हुई थी.  माँ ने हम सब को नास्ता दिया और फिर अपने काम में लग गई. 12 बजे माँ ने मुझे बोला की वो मॉल जा रही हैं कुछ शोपिंग करने और जब उन्होंने तन्वी (प्रिया की छोटी बहन) को साथ में चलने को पूछा तो वो तैयार हो गई.

फिर मा और तन्वी तो मॉल के लिए निकल गए और घर में मैं और प्रिया ही थे. माँ ने मुझे कहा की प्रिया का ध्यान रखना.

मैं हॉल में आया और टीवी देखने लगा और प्रिया रूम में चली गई. जब वो 15 मिनिट तक बहार नहीं आई तो मैं रूम में चला गया. तो मुझे बाथरूम से आवाज आ रही थी इसलिए मैं समझ गया की वो नाहा रही हैं. जैसे ही मैं मुडा बहार जाने के लिए वैसे ही प्रिया ने दरवाजा खोला और बहार आ गई. प्रिया ने स वक्त सिर्फ तोवेल लपेटा हुआ था. मेरी नजर जैसे ही उसके भीगे उए बदन पे पड़ी सच कहूँ मेरा तो मन उसकी उसी वक्त चोदने के लिए रेडी हो गया था.

मैं जैसे ही उसकी तरफ बढ़ा  वो हडबडा उठी और उसके तोवेल भी निचे गिर गया. अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी खड़ी थी. इसको इस हाल में देख के मेरा लंड खड़ा हो गया. उसके 30 की साइज़ के गोरे बूब्स, सेक्सी पिंक निपल्स और ऐसी ही पिंक चूत मेरे सामने थी. मैं पागल हो रहा था ये सब देख के. मैं उसके पास गया और उसे हग कर लिया. उसने मुझे पीछे धक्का दियालेकिन मैं कहा रुक्ने वाला था मैं उसके पास गया और उसके कान में बोला, मैं तुम्हारे साथ प्यार करना चाहता हूँ!

इतनी देर में मेरे को बहार से गेट खुलने की आवाज आई. मैंने जा के देखा तो मोम वापस आई टी. वो अपने पर्स को घर में ही भूल गई थी उसे लेने के लिए वो आई थी. माँ अपना पर्सले के चली गई. जब मैं रूम के पास वापस आया तो मैंने देखा की रूम अन्दर से बंद था और जब आइने उसको खोलने को बोला तो प्रिया ने गेट नहीं खोला.

मैं डर गया की कहीं किसी को बोल ना दे. तो मैंने उसको बार बार गेट खोलने को बोला पर उसने नहीं खोला. और उतनी देर में माँ भी वापस घर आ गई. फिर सब आराम करने चले गए. मैं अपनी फ्रेंड के घर चला गया. जब मैं लौट के आया तो सब डिनर करने के लिए टेबल पर बैठे हुए थे. वो मेरे सामने वाली चेयर पर ही बैठी थी. मैंने उसकी तरफ तिन चार बार देखा पर वो केवल अपनी डिश की तरफ ही देख रही थी.

सब खाना खाने के बाद सोने के लिए चले गए. मैंने भी अपनी मेट्रेस बिछाई और सोने लगा. रात के करीब 3 बजे मुझे ऐसा लगा की जैसे कोई मेरे लंड को सहला रहा हैं. मैं हडबडा के उठा तो देखा की प्रिया मेरी मेट्रेस पे बैठी हुई थी और वही मेरा लंड सहला रही थी. जब उसने देखा की मैं उठ गया हूँ तो मेरे कान में आ के बोली, क्या हुआ प्यार नहीं करना?

जैसे ही उसने मेरे कान में ये कहा मेरा तो लंड एकदम से खड़ा हो गया. जब उसने मेरा लंड छुआ तो बोली, कितना बड़ा हैं आप का तो. मैंने उसको पूछा की पहले कभी लिया हे किसी का. तो उसने कहा रियल सेक्स नहीं किया बस ऊपर ऊपर से फॉर-प्ले किया हैं.

मैंने उसको मेट्रेस के ऊपर ही लिटाया और किस करना स्टार्ट कर दिया और धीरे धीरे से उसके कपडे उतार दिए. और अब मैं उसके नंगे जिस्म के साथ खेलने लगा. कभी बूब्स सक करने लगा और कभी उसकी चूत को ऊँगली से और अपने होंठो से किस करने लगा. चूत चाटने के साथ मैं उसको लिप किस भी कर रहा था. मैंने अपने कपडे भी उतार दिए और उसको अपना लंड हाथ में पकड़ा दिया. मैंने प्रिया को लंड मुहं में लेने को बोला तो पहले उसने मना कर दिया. पर जैसे तैसे वो मान गई.

फिर हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए. मैं उसकी चूत चाटने लगा और अपनी जीभ उसकी चूत में डालने लगा. फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत म डाली. थोड़ी सी ही अन्दर डाली होगी तो उसको दर्द होने लगा. मैंने उसको बोला अगर ऊँगली को नहीं झेल पा रही हो तो फिर मेरा लंड कैसे लोगी? फिर मैंने उसकी चूत को फिंगर करना चालू कर दिया.

जब मुझे लगा की उसकी चूत सही गीली हो गई हैं और जब वो मदहोश होने लगी तो मैंने उसको पूछा की मेरा लंड लोगी चूत में? उसने हाँ कहा. मुझे पता था की उसकी चूत कुंवारी थी और उसकी दर्द बहुत होगा. मैंने उसको अपने निचे लिटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया. मेरा लंड एकदम गरम था और कांप सा रहा था.



मैंने उसकी दोनों टाँगे ऊपर उठाई और अपने कंधे के ऊपर रख दी. और अपने होंठो को उसके होंठो पर सेट करे. फिर अपने लौड़े को उसकी चूत पर रखा और जैसे ही मैंने उसके साथ लिप लोक किया और एक झटका दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. वो मुझे दूर हटाने लगी पर मैं कहा हटने वाला था. हलके हलके से मैं अपने लंड को उसकी चूत में अन्दर बहार करने लगा था. फिर 2 मिनिट बाद जब वो नार्मल हुई तो मी उसके लिप्स को फिर से अपने लिप्स के साथ लोक किया और एक जोर का झटका मारा. मेरा लंड उसकी सिल तोड़ता हुआ अन्दर घुस गया और उसकी चीख मेरे मुहं में ही निकल गई. प्रिया की आँख से आंसू बहने लगे और उसकी चूत से खून भी निकल पड़ा.

प्रिया की चूत फट चुकी थी और वो दर्द की वजह से मुझे लंड बहार निकालने को बोल रही थी. मैंने उसको शांत किया और लंड को धीरे धीरे अन्दर बहार करता रहा. मैं जानता था की उसकी छोटी बहन भी उसकी चीखों से उठ गई थी और वो चद्दर के एक कौने से हम दोनों को सेक्स करते हुए देख रही थी.

प्रिया कुछ देर में जैसे ही शांत हुई तो मैंने उसको और कस कस के चोदा. पुरे 20 मिनिट हम दोनों का चला और फिर उसकी चूत में ही मैं झड़ना चाहता था. लेकिन उसने बहुत फ़ोर्स कर के अपने बूब्स पर माल लिया.

प्रिया और उसकी बहन हफ्ते भर रुके थे. और फिर तो मैंने उसके साथ डेली नाईट में सेक्स किया. आज भी जबब वो जयपुर से यहाँ आती हैं तो मेरा लंड लिए बिना वापस नहीं जाती हैं.
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