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Monday, 4 September 2017

अब्बा ने अम्मी को और 3 लंड से चुदवाया



बरामदे में खड़ी हुई मेरी अम्मी सब्जी काट रही थी. मैं वही पर बैठा हुआ अपने असाइनमेंट को करने में लगा हुआ था. निचे से अब्बा की आवाज आई और साथ में लतीफ़, अब्दुल और रघु अंकल भी थे. वो चारों बड़े अच्छे दोस्त हे और एक ही कंपनी में काम करते हे. अम्मी नाइटी में थी. आबा के आते ही अम्मी ने सब्जी काटना बंद कर दिया और वो खड़ी हुई. निचे से चारों ने ऊपर अम्मी को देखा. अम्मी ने स्माइल दी.

अब्बा बोले, निचे आ जाओ सलमा.


अम्मी: अभी आई जी.

अम्मी ने मुझे अपने बटवे से 20 का नोट दिया और बोली, जाओ अपने दोस्तों के साथ खेलने जाओ.

मैंने कहा, अम्मी मुझे पढ़ना हे.

अम्मी: फिर एक काम करो पड़ोस में अपने दोस्त अतुल के घर चले जाओ, वही पढ़ लेना. निचे अब्बू और उन्के दोस्त आये हे तो पढाई में मजा नहीं आएगा.

मैंने कहा वो लोग निचे हे और मैं ऊपर फिर क्या प्रॉब्लम.

अम्मी: बाप रे तू बड़ी जबान चलाता हे सामने मेरे, अब्बू को बताऊँ!

अब्बू के डर की वजह से मैं अपने बसते को बंद कर के अम्मी से पैसे ले के निकल गया. निचे कमरे में देखा तो कुर्सी के ऊपर चारों दोस्त बैठे हुए थे. बिच में मुर्गी की टाँगे यानी की चिकन लेग पिस और बियर की बोत्ल्स पड़ी थी. बियर एकदम चिल्ड थी जिसमे से धुंआ सा निकल रहा था. मैंने घर से निकलते हुए इतना ही सुना: सलमा डार्लिंग आ गई हे, अब शराब शबाब और चिकन कबाब एक जगह हुआ!

मुझे पहले लगा की शायद मेरे सुनने में कोई गलती हुई हे. लेकिन मैं वही सुना था. तो इसी लिए अम्मी मुझे घर से भगाने में लगी हुई थी. बाप रे अब्बू के तिन दोस्त क्या इसलिए ही हर हफ्ते एकाद बार ऐसी शराब की महफ़िल जमाते हे हमारे घर में?

बहुत सारे सवाल एक साथ मेरे दिमाग के अन्दर चल रहे थे. मैंने सोचा की आज तो पक्का तहकीकात करना ही पड़ेगा. मेरे मेईन गेट से निकलते ही अम्मी ने घर का दरवाजा आ के बंद कर दिया. मैं अतुल के घर गया तो वो नहीं था. आंटी को कहा तो वो बोली, तुम ऊपर जा के पढो वो आता हे तो मैं भेज देती हूँ.

मैं अतुल के उपर वाले कमरे में गया. तभी मुझे आइडिया आया की अतुल की छत से अपने घर कि छत पर जाऊं और फिर निचे जा सकता हूँ मैं. मैंने बस्ता वही रख दिया और छत के रस्ते अपने घर में उतर गया. निचे के कमरे से आवाजें आ रही थी.

मैं सीढियों के ऊपर आ के छिप के वहां बैठ गया. अम्मी, अब्बू और वो तीनो चिकन के लेग पिस खा रहे थे. अम्मी के लिए भी बियर का एक ग्लास भरा गया था. और वो भी पी रही थी. तभी अब्बा ने अम्मी स कहा, डार्लिंग गाने साने तो बजाओ.

लतीफ़ अंकल: हां और थोड़ी अपनी पिछाड़ी को भी हिला के दिखाई.

रघु अंकल: सलमा को नंगा नाचते देख के ऐसा लगता हे की वो अराब बेली डांसर हो.

अम्मी ने लेग पिस वाले हाथ से ही रघु अंकल को कंधे पर एक मार दिया. अम्मी फिर खड़ी हो के गाने लगाने लगी टीवी के ऊपर. एक चेनल के ऊपर फाट म्यूजिक चल रहा था. अम्मी ने डांस चालु कर दिया. अम्मी ने नाचते हुए अपनी नाईटी को ऊपर किया और जल्दी से अपने बूब्स की झलक दिखा दी. अम्मी के बूब्स वापस नाइती में ढंक गए. अब्दुल अंकल अपने लंड को मसलने लगे. और अब्बू ने मेरी अम्मी को अपनी तरफ आने को इशारा किया. जब अम्मी आई तो अब्बा ने अपनी कमर से अपने बदन को ऊपर किया. अम्मी निचे झुकी और उसने अब्बा की ज़िप खोल दी. अब्बा के लंड को उसने अपने हाथ से बहार निकाला. रघु अंकल ने भी अम्मी को हाथ पकड़ के खिंच लिया अपनी तरफ. अम्मी ने उन्के लंड को भी बहार की हवा खिलाई. लतीफ़ और अब्दुल अंकल अभी बियर पिने में ही लगे हुए थे.

अम्मी ने अब धीरे से अपने हाथ में अब्बा का और दुसरे हाथ में रघु अंकल का लंड ले लिया और वो उसे हिलाने लगी. देखते ही देखते दोनों के लंड एकदम कडक हो गए. अब्बा ने अम्मी के माथे को पकड के उसे अपने लंड के ऊपर झुका दिया. अम्मी अब्बा के लंड को चूसने लगी और वो रघु अंकल के लंड को पकड के हिला रही थी. अब्दुल और लतीफ़ अंकल ने तो अपनी पेंट के साथ साथ बाकी के कपडे भी खोल दिए और वो भी गाने सुन के नाचते हुए अम्मी के पीछे आ गए. लतीफ़ अंकल ने अम्मी के बड़े कुल्हे दोनों हाथ से पकड़ के खोल दिए. मैंने अम्मी की गांड का होल देखा जो एकदम डार्क था. लतीफ़ अंकल ने अपने हाथ से अम्मी की चूत को टच किया और अम्मी ने एकदम सेक्सी टोन में आह कर दिया.

अब अम्मी ने रघु अंकल के लंड को मुहं में और अब्बा के लंड को हाथ में ले लिया. अम्मी के हाथो में और मुहं में जैसे जादू था दोनों लंड एकदम कडक हो गए थे. पीछे लतीफ़ और अब्दुल अंकल अम्मी के कूल्हों के ऊपर हाथ फेर रहे थे और अपने लंड भी वहां घिस रहे थे. अम्मी की नाइटी को अब अब्बा ने अपने हाथों से उतार दिया. और अंदर की जो ब्रा और पेंटी भी उसे चारों ने मिल के उतारा. रघु अंकल ने तो मेरी अम्मी की पेंटी को अपने लंड के ऊपर ही लपेट लिया और वो मुठ मारने लगे पेंटी के अन्दर. अब्दुल अंकल ने अब मेरी अम्मी के बड़े बूब्स को अपने हाथ में भर के दबा दिए.

अब्बा बोले: चल लतीफ़ तू आगे आजा मैं पीछे!

रघु अंकल: तो हम क्या हिलाएंगे ही यहाँ बेन्चोद!

अम्मी: आप लाओ मैं मुहं में ले लेती हूँ. और अब्दुल आप का हिला देती हूँ.

अब्बा अम्मी की गांड के पास खड़े थे. लतीफ़ अंकल निचे लेट गए. अम्मी ने अपने हाथ से उन्के लोडे को चूत पर सेट कर दिया. और फिर वो उसके ऊपर बैठ गई. अम्मी की चूत में लतीफ़ अंकल का लंड ऐसे घुस गया जैसे कुछ हुआ ही ना हो. अब्बा ने खड़े खड़े अपने लंड को थूंक से चिकना कर दिया. और फिर उन्होंने अपने लोडे को अम्मी की डार्क गांड पर लगाया. अम्मी की कमर को पकड के एक झटके में अब्बा ने लोडा गांड में कर दिया.

अम्मी की चूत और गांड के अन्दर एक ही टाइम पर दो दो लंड चुसे हुए थे. अब्दुल अंकल अम्मी के पास आ गए. और अम्मी ने उन्के लोडे को पकड़ के हिलाना चालू कर दिया. रघु अंकल ने पेंटी को सुंघा और फिर अम्मी के पास आके अपने लोडे को मुहं में दे दिया. मेरी अम्मी कीसी इंग्लिश पोर्नस्टार के जैसी लग रही थी. उसके सब अंग पर लंड की असर थी.

लतीफ़ अंकल के हिस्से में कुछ ज्यादा करने को आया नहीं था. अब्बा जोर जोर से धक्के लगा के अपने लंड को अम्मी की गांड में कस कस के अन्दर बहार कर रहे थे. और उसकी वजह से अम्मी की कमर आगे पीछे होती थी. तो लतीफ़ अंकल का लंड भी उसके साथ हिलता था.

पांच मिनिट तक अम्मी ने रघु अंकल के लंड को मुहं से बहार निकाला हु नहीं. वो लंड चूसते हुए चुदवा रही थी. फिर रघु अंकल ने जब लंड को अम्मी के मुहं से निकाला तो वो पूरा लाल हो गया था. रघु अंकल ने लंड को इसलिए मुहं से निकाला की वो झड़ना नहीं चाहते थे. अब्दुल अंकल के लंड को हिलाते अम्मी अभी भी चुद रही थी दोनों छेदों में.

तभी अब्बा के मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह की आवाजे निकल पड़ी. और उन्होंने जब लंड को बहार निकाला तो उसके अन्दर से वीर्य छटक पड़ा. अम्मी की गांड के ऊपर ही अब्बा ने सब वीर्य छोड़ दिया. फिर अब्बा साइड में हो गए. अब रघु अंकल ने लंड को हिलाते हुए अम्मी की नाइटी से गांड को साफ़ किया. फिर थूंक लगा के वो अम्मी की गांड मारने लगे.

निचे लतीफ़ अंकल की साँसे भी उखड़ रही थी. उन्होंने अपने दोनों हाथ से अम्मी के बूब्स मसले और फिर निचे से वो अब जोर करने लगे थे. अम्मी किसी रंडी के जैसे अपने पुरे बदन को झटके लगा लगा के चुदवाने बीजी थी.

रघु अंकल का लोडा अब्बा से काफी बड़ा था और वो जब गांड में पूरा घुसता था तो अम्मी उछल सी जाती थी. लेकिन फिर भी उसके मुह से दर्द की आवाजे तो नहीं निकली. मैं शायद ये सब पहली बार देख रहा था लेकिन अम्मी और इन चारों के लिए तो ये सब जैसे एकदम नार्मल था. कोई हल्ला गुल्ला नहीं. सब एक दुसरे के साथ मिल के मजे से एक दुसरे का पानी छुडवाने में बीजी थे बस.

रघु अंकल ने पांच मिनिट और गांड मारी और फिर उनका भी छुट गया.  अब्दुल अंकल ने अम्मी के मुहं में लंड दे के चुसाया. और फिर रघु अंकल का हो गया तो वो लतीफ़ अंकल को बोले, अबे साले तेरा पानी क्यूँ नहीं निकल रहा हे आज.

लतीफ़ अंकल बोले आज दोपहर को ही मेरा पानी निकला हे भाइयो.

अब्दुल अंकल बोले, तू सलमा की गांड में डाल दे तो पानी जल्दी निकलेगा. साले कब से चूत को अपनी बना के बैठा हुआ हे.

लतीफ़ ने अपने लंड को चूत से निकाला. उसका लंड काला था और अम्मी की चूत का पानी लगने से वो चमक रहा था. अम्मी शायद दो तिन बार तो झड़ी ही होगी इन लोगों  से अब तक चुदवा के! अब अब्दुल अंकल निचे लेट गए और अम्मी की चूत मारने लगे. और लतीफ़ अंकल ने अम्मी की गांड को चोदना चालू कर दिया.

दोस्तों इसके बाद भी अम्मी की चुदाई पूरी 20 मिनिट तक चली. अम्मी ना थकी ना उसने कोई ऐसी बात कही की जिस से लगे की वो थक गई हो. चारों के लंड को ठन्डे कर के वो नंगी ही सब के लिए चाय बनाने चली गई. और मैं छत के रस्ते से ही अतुल के घर की तरफ चला गया. मैं जाते जाते यही सोच रहा था की अब्बा की ऐसी क्या मज़बूरी थी की वो अम्मी को रांड बना के अपने दोस्तों से चुदवा रहे हे! (दोस्तों मुझे बाद में वो बात पता चली थी और वो कहानी मैं आप को जल्दी ही लिख के भेजूंगा!).
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